व्रज की पवित्र भूमि का जीवंत विश्वकोश

व्रजपीडिया

«केवल वृन्दावन में निवास करने से ही महापातक नष्ट होते हैं और मुक्ति मिलती है»

— पद्म-पुराण, निर्वाण-खण्ड
Шри Рупа Сева Кунджа

«हमें व्रज से प्रेम है और हम इस पवित्र भूमि तथा इसके निवासियों की सेवा का प्रयास करते हैं। व्रजपीडिया श्री श्री राधा-गोविन्द की लीला-स्थली की महिमा गाने का हमारा एक और विनम्र प्रयास है।»

श्री रूप सेवा कुंज आश्रम के भक्तगण

लेख66

गुलाल-कुण्ड
स्थान
गुलाल-कुण्ड
अनार
वनस्पतियाँ
अनार
पुन्नाग
वनस्पतियाँ
पुन्नाग
सीता अशोक
वनस्पतियाँ
सीता अशोक
जवा (गुड़हल)
वनस्पतियाँ
जवा (गुड़हल)

«जैसे लक्ष्मी प्रिय हैं, जैसे भक्त-जन प्रिय हैं — वैसे ही इस पृथ्वी पर गोविन्द को वृन्दावन प्रिय है»

— मथुरा-माहात्म्य, 361
रक्तचन्दन
वनस्पतियाँ
रक्तचन्दन
मधूक (महुआ)
वनस्पतियाँ
मधूक (महुआ)
कर्णिकार
वनस्पतियाँ
कर्णिकार