वनस्पतियाँ63
व्रज के वृक्ष, लताएँ और पुष्प — श्रीकृष्ण की लीलाओं के जीवित साक्षी, जो आज भी इस पवित्र भूमि के कुञ्जों और कुण्ड-तटों को सजाते हैं।

वनस्पतियाँ
जाई

वनस्पतियाँ
पुन्नाग

वनस्पतियाँ
मालती

वनस्पतियाँ
पीली कनेर

वनस्पतियाँ
कृष्णचूड़ा
«मैं समस्त देवों का आत्मा हूँ, और इस वृन्दावन-वन को कभी नहीं छोड़ता। यहीं मैं युग-युग में प्रकट होता और अन्तर्धान होता हूँ»
— बृहद्-गौतमीय-तन्त्र

वनस्पतियाँ
कदम्ब

वनस्पतियाँ
करवीर

वनस्पतियाँ
जवा (गुड़हल)